तरुण भारत तरुण भारत

तरुण भार‪त‬

Publisher Description

तरुण भारत लाला लाजपतराय द्वारा लिखित यंग इंडिया पुस्तक को आधार बना कर हिंदी में तैयार किया गया एक ऐसा महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसके माध्यम से अंग्रेज अधीन भारत की दुर्दशा की झाँकी चित्रित की गई है। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने अंग्रेजों के हिंदुस्तान आगमन, व्यापार की शुरुआत से लेकर उनके शासक बनाने तथा क्रूर अत्याचारी बनाने तक की यात्रा को दिखाया है। इसी के सामानांतर मुगल शासन के विघटन, नवाबों और निजामों के उदय के साथ ही हिन्दू राजाओं के शासन, दूर दृष्टि और अदूर दृष्टि, लोभ-लाभ और घात-प्रतिघात का भी वर्णन किया है। १७५७ से १८५७ के बीच का भारत, जो कि पूरी तरह ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन था। उस भारत की क्या दशा थी और १८५७ से १९४७ (आजादी) तक, जब भारत को कंपनी के हाथ से निकाल कर महारानी एलिजाबेथ के अधीन डाल दिया गया, तो कैसी स्थिति हो गई! इसका सुन्दर व्यौरा लेखक ने तरुण भारत में दिया है। कांग्रेस पार्टी की स्थापना, उसमें नरम दल और गरम दल का बनना, मुस्लिम लीग, स्वराज पार्टी, स्वदेशी आन्दोलन, बंगाल विभाजन, दिल्ली में राजधानी परिवर्तन, दादा भाई नौरोजी, तिलक, गोखले, तथा सामाजिक सुधार कार्यों की लम्बी फेहरिस्त का हवाला हमें इस किताब से मिलता है। गुलाम भारत से आजाद भारत के सफर में व्यक्ति से लेकर संस्था की निष्ठा तक और व्यक्ति से लेकर समूह के धोखेबाजी तक के कार्य-व्यापार को लेखक ने वर्णित किया है निश्चित रूप से तरुण भारत उक्त समय को जानने का महत्वपूर्ण स्रोत है।

GENRE
Fiction & Literature
RELEASED
2016
13 December
LANGUAGE
HI
Hindi
LENGTH
165
Pages
PUBLISHER
Public Domain
SELLER
Public Domain
SIZE
1.1
MB