Overthinking Ko Kahen Na! Overthinking Ko Kahen Na!

Overthinking Ko Kahen Na‪!‬

    • $4.99
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Publisher Description

"यह पुस्तक ज्योतिका का केवल काम नहीं है- यह उनकी पूरी जिंदगी का रास्ता, उनकी सीख और उनका सत्य है। एक मनोवैज्ञानिक, एक कोच, एक माँ और एक ऐसी इनसान के रूप में, जिसने खुद अपनी भावनाओं की राख से दोबारा उठना सीखा है। उन्होंने पिछले तेईस वर्षों में हजारों लोगों की कहानियाँ सुनी हैं। माता-पिता, युवा, दंपती, विद्यार्थी - हर कोई जो बाहर से मजबूत दिखता है, लेकिन भीतर से वह टूट रहा होता है। ज्योतिका ने समझा है कि प्यार कहाँ जोड़ता है और कहाँ टूट जाता है।

यह पुस्तक हर उस व्यक्ति के लिए है, जो कभी चुपचाप रोया है, कभी सोचा है 'मुझमें क्या कमी है?' या कभी महसूस किया है कि दिल थक गया है, लेकिन कदम रुक नहीं रहे।

ज्योतिका पाठकों को एक सरल आमंत्रण देती हैं-

'आओ, खुद से फिर से जुड़ें।'
Overthinking को छोड़ें।
और अपने अंदर के प्यार को फिर से जगाएँ।"

GENRE
Body, Mind & Spirit
RELEASED
2025
16 January
LANGUAGE
HI
Hindi
LENGTH
241
Pages
PUBLISHER
Prabhat Prakashan Pvt Ltd
SELLER
Prabhat Prakashan Private Limited
SIZE
3.2
MB