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Descrição da editora

नियतिनेहमेशामुझपरयुद्धथोपा—जन्मसेलेकरजीवनकेअंततक।यद्यप‌िमेरीमानसिकतासदायुद्ध-विरोधीरही;फिरभीमैंनेउनयुद्धोंकास्वागतकिया।उनसेघृणाकरतेहुएभीमैंनेउन्हेंगलेलगाया।मूलतःमैंयुद्धवादीनहींथा।जबसेमनुष्यपैदाहुआतबसेयुद्धपैदाहुआ—औरशांतिकीललकभी।यहललकहीउसकेजीवनकासहाराबनी।इसशांतिकीललककीहरियालीकेगर्भमेंसोएहुएज्वालामुखीकीतरहयुद्धसुलगतारहाऔरबीच-बीचमेंभड़कतारहा।यहीमानवसभ्यताकेविकासकीनियतिबनगया।लोगोंनेमेरेयुद्धवादीहोनेकाप्रचारभीकिया;परमैंनेकोईपरवाहनहींकी;क्यों‌‌क‌िमेरीधारणाथी—औरहैकिमानवकाएकवर्गवह;जोवैमनस्यएवंईर्ष्या-द्वेषकेवशीभूतहोकरघृणाऔरहिंसाकाजालबुनतारहा—युद्धकहैवह;युद्धवादीहैवह।परजोउसजालकोछिन्न-भ‌िन्नकरनेकेलिएतलवारउठातारहा;वहकदापियुद्धवादीनहींहै;युद्धकनहींहै।औरयहीजीवनभरमैंकरतारहा।

कृष्‍णकेअनगिनतआयामहैं।दूसरेउपन्यासोंमेंकृष्‍णकेकिसीविशिष्‍टआयामको‌‌ल‌ियागयाहै।किंतुआठखंडोंमेंविभक्‍तइसऔपन्‍यासिकश्रृंखला‘कृष्‍णकीआत्मकथा’मेंकृष्‍‍णकोउनकीसंपूर्णताऔरसमग्रतामेंउकेरनेकासफलप्रयास‌‌क‌ियागयाहै।किसीभीभाषामेंकृष्‍‍णचरितकोलेकरइतनेविशालऔरप्रशस्‍तकैनवसकाप्रयोगनहींकियाहै।यथार्थकहाजाएतो‘कृष्‍णकीआत्मकथा’एकउपनिषदीयकृतिहै।‘कृष्‍‍णकीआत्मकथाश्रृंखलाकेआठोंग्रंथ’नारदकीभविष्‍यवाणीदुरभिसंध‌िद्वारकाकीस्‍थापनालाक्षागृहखांडवदाहराजसूययज्ञसंघर्षप्रलय

GÊNERO
Ficção e literatura
LANÇADO
2020
13 Novembro
IDIOMA
HI
Hindi
TAMANHO
444
Páginas
EDITORA
Prabhat Prakashan Pvt Ltd
VENDEDOR
Prabhat Prakashan Private Limited
TAMANHO
2.1
MB

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