Publisher Description

आनंदमठ बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का बहुपठित एवं लोकप्रिय उपन्यास है। इस उपन्यास में उद्धृत गीत ‘वन्दे मातरम्’ इतना लोकप्रिय हुआ कि आज उसे भारत का राष्ट्र गीत होने का दर्जा प्राप्त है। उपन्यास की कथा-भूमि ऐतिहासिक संन्यासी विद्रोह पर आधारित है। अठारहवीं शताब्दी के मध्य में जब बंगाल में उत्तरवर्ती मुसलमान राज कर रहे थे और अंग्रेज अभी ठीक से पैर रोप नहीं पाये थे, इसी बीच बंगाली हिन्दू समुदाय में स्वतंत्र हिन्दू राष्ट्र की कामना बलवती हुई। हजारों-हजार की संख्या में गृहस्थ अपना परिवार त्याग कर संन्यासी बन गये। ये संन्यासी अपने को संतान कहा करते थे, और मातृभूमि ही इनकी जननी थी। इस उपन्यास में वैष्णव, जो कि विष्णु उपासक है की आराधना-श्रद्धा पर जोर दिया गया है। मुसलमानों की तुलना में अंग्रेजों को श्रेष्ठ और प्रगतिशील बताया गया है। स्त्री सत्ता की एक उज्ज्वल प्रतिष्ठा हुई है। वस्तुतः स्त्री शक्ति है जो प्रकृति के बंधन से पुरुष को मुक्त करती है। बिना उसके सहयोग के कोई भी अनुष्ठान पूर्ण नहीं हो सकता। यह सन्देश भी एक तरह से इस उपन्यास में दिया गया है। अत: कई विद्वानों ने स्वीकार किया है कि पुरुष की सफलता का मार्ग स्त्री के कोमल स्पर्श से होकर ही जाता है। मूलतः बंकिम बाबू का उद्देश्य उस ऐतिहासिक संन्यासी आन्दोलन को साहित्यिक आईने में उतारना था, इसमें उन्हें बहुत सफलता मिली।

GENRE
Fiction & Literature
RELEASED
2016
December 13
LANGUAGE
HI
Hindi
LENGTH
161
Pages
PUBLISHER
Public Domain
SELLER
Public Domain
SIZE
1.1
MB

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