• $0.99

Publisher Description

कुछ भी न मांगो, बदले में कोई चाह न रखो। तुम्हें जो कुछ देना हो, दे दो। वह तुम्हारे पास वापस आ जाएगा; लेकिन आज ही उसका विचार मत करो। वह हजार गुना होकर वापस आयेगा, पर तुम अपनी दृष्टि उधर मत रखो। देने की ताकत बैदा करो। दे दो और बस काम खत्म हो गया। - स्वामी विवेकानन्द

GENRE
Health, Mind & Body
RELEASED
2013
October 15
LANGUAGE
HI
Hindi
LENGTH
36
Pages
PUBLISHER
Bhartiya Sahitya Inc.
SELLER
Bhartiya Sahitya Inc.
SIZE
159.8
KB

More Books by Swami Vivekanand