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Publisher Description

श्रद्धावानों के प्रति होनेवाले प्रेम के कारण, उनके जीवन को उचित दिशा मिलें इस सच्ची लगन के कारण सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापुजी ने हमें दिया हुआ आदिमाता की प्रेमकृपा का आश्वासन। माँ चण्डिका की क्षमा को, रक्षा को और स्वाभाविक रूप से आधार को इस ग्रन्थ के माध्यम से वे हम तक पहुँचाते हैं। श्रद्धावान के मन में होनेवाले सारे प्रश्न भय को दूर कर भक्तिभाव तथा सामर्थ्य को दृढ़ करनेवाला यह सर्वश्रेष्ठ ग्रन्थ है। ये हितकारी बदलाव करानेवाला यह ग्रन्थ केवल दिशादर्शक ही नहीं है, बल्कि चण्डिकाकुल के प्रेम के कारण इस दिशा में प्रवास करने की ताकत भी प्रदान करता है। माँ चण्डिका की ओर ले जानेवाला मार्ग सदैव खुला होता है, द्वार खुला होता है इसका एहसास करा देनेवाला यह ग्रन्थ हमारे भीतर के कई बंद द्वार हल्के से खोल देता है,  हमारे भीतर की कई अड़चनों को हल्के से दूर कर देता है और इस माँ की कृपा के राजमार्ग पर ले आता है। यह जब घटित होता है, तभी माँ के पास ले जानेवाले खुले द्वार का एहसास होता है और यह कार्य यह ग्रन्थ अर्थात् सद्गुरु का तहेदिल से उच्चारित शब्द यक़ीनन ही साध्य करता है।

GENRE
Religion & Spirituality
RELEASED
2020
March 24
LANGUAGE
HI
Hindi
LENGTH
177
Pages
PUBLISHER
Shree Aanjaneya Prakashan Pvt Ltd
SELLER
Draft2Digital, LLC
SIZE
3.4
MB

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