• $4.99

Publisher Description

तरुणी हेमा और राजीव का आपसी प्रेम हेमा को समय से पहले गर्मवती बना देता है। राजीव के ठुकराने पर हेमा आत्म हत्या के लिए उद्दत होती है, पर कालेज प्रिंसिपल रवीन्द्रनाथ कुछ और ही सोच रहे हैं। रंगमंच के लिए प्रस्तुत इस नाटिका में दर्शकों को अंत तक बाँधे रहने की सहज क्षमता है।

GENRE
Fiction & Literature
RELEASED
2012
March 18
LANGUAGE
HI
Hindi
LENGTH
111
Pages
PUBLISHER
Bhartiya Sahitya Inc.
SELLER
Bhartiya Sahitya Inc.
SIZE
377
KB