Anandmath Anandmath

Beschreibung des Verlags

बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय आघुनिक बंगाली साहित्य के प्रणेता हैं। 1773 के संन्यासी विद्रोह की पृष्ठभूमि पर आधारित इस उपन्यास ने उनका नाम भारतीय साहित्य में अमर कर दिया है। इस उपन्यास में आया "वंदे मातरम" गीत हर भारतीय को स्वंतत्रता का आह्वान करता रहा है। संन्यासी विद्रोह अस्त होते मुगल साम्राज्य के विरोध में भारतीय जन मानस का पहला व्यापक विद्रोह माना जाता हे, इस कारण स्वतंत्रता सेनानियों और सामान्य जन मानस सभी के लिए इस उपन्यास का विशेष स्थान है।

GENRE
Belletristik und Literatur
ERSCHIENEN
2012
18. März
SPRACHE
HI
Hindi
UMFANG
188
Seiten
VERLAG
Bhartiya Sahitya Inc.
ANBIETERINFO
Bhartiya Sahitya Inc.
GRÖSSE
873,3
 kB
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