Godan Godan

Descripción editorial

गोदान - प्रेमचंद का साहित्य केवल गांधीवाद की शिक्षा नहीं देता, केवल स्वाधीनता की लड़ाई की कहानी नहीं कहता! उनका साहित्य किसान की, साधारण जनता की, उनके साथ काम करने वाले बुद्धिजीवियों को सबक देता है कि किस तरह जनता को साथ लेकर चलने वाला नेता, राष्ट्रप्रेमी, देशप्रेमी और राष्ट्रीयता के लिए संघर्ष करनेवाले लोग मूलतः और अन्ततः अपने वर्ग-हित के लिए लड़ते हैं और उनके वर्ग-हित पर जब चोट पड़ती है, तो चोला बदल लेते हैं, पला बदल लेते हैं, बाना बदल लेते हैं, पक्ष बदल लेते हैं और उनके विरूद्ध चले जाते हैं!

GÉNERO
Clásicos
NARRACIÓN
S
Shashwita
IDIOMA
HI
Hindi
DURACIÓN
15:49
h min
PUBLICADO
2018
16 de marzo
EDITORIAL
Storyside IN
TAMAÑO
717,6
MB