Dhoop Bahut Ha : धूप बहुत है Dhoop Bahut Ha : धूप बहुत है

Dhoop Bahut Ha : धूप बहुत ह‪ै‬

    • 3,49 €
    • 3,49 €

Descripción editorial

आसमानों की तरफ़ फेंक दिया है मैंने


चंद मिट्टी के चराग़ों को सितारा करके


रात की धड़कन जब तक जारी रहती है


सोते नहीं हम ज़िम्मेदारी रहती है


नदी ने धूप से क्या कह दिया रवानी में


उजाले पाँव पटकने लगे हैं पानी में


बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर


जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ



-राहत इंदौरी

GÉNERO
Ficción y literatura
PUBLICADO
2017
5 de enero
IDIOMA
HI
Hindi
EXTENSIÓN
128
Páginas
EDITORIAL
Diamond Pocket Books
INFORMACIÓN DEL PROVEEDOR
diamond pocket books pvt ltd
TAMAÑO
573,2
KB