भूतनाथ-2 (Hindi Novel)
Bhootnath-2 (Hindi Novel)
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Publisher Description
दारोगा के चले जाने के बाद थोड़ी देर तक वहाँ सन्नाटा रहा, इसके बाद उन तीनों में इस तरह की बातचीत होने लगी:– जमना : देखो बहिन, जमाने ने कैसा पलटा खाया है! सरस्वती: बहिन, किस्मत ने तो बहुत दिनों से पलटा खाया हुआ है, यह कहो कि उतना दुःख देकर भी विधाता को चैन न पड़ा और अब वह अपनी निर्दय आँखों के सामने एकदम से ही हम लोगों का निपटारा किया चाहता है. दुनिया में लोग किस तरह कहा करते हैं कि धर्म की सदा जय रहती है?