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Publisher Description

लेखकाचेमनोगत.प्राचीनइतिहासएवसंस्कृतिकीस्नातककक्षामेंधर्मऔरदर्शनएकपत्रथा।विज्ञानकीओरसेआईमुझजैसीछात्राकेलिएयहविषयरुचिकरनहींथा।परंतुधर्म-दर्शनकीकक्षालेनेवालेप्रोफेसरडॉ.उपेन्द्रठाकुरकाज्ञानऔरउनकाप्रस्तुतिकरणइतनाहृदयग्राहीथाकिअपनेहिसाबसेनीरसविषयमेंमुझेरसआनेलगा।मुझेहीक्यों,कक्षाकीसभीछात्र-छात्राओंकोरुचिकरलगनेलगा।डॉ.ठाकुरनेवाचस्पतिमिश्रकाजिक्रआनेपरअवांतरजाकरउनकेचौगिर्दबनेमायाजालरूपीदंतकथाओंकावर्णनकिया।भामतीजैसीनारीतथावाचस्पतिजैसेव्यक्तिकीचर्चाकरतेनथकते।मिथिलामेंभामतीसीताकेबादसबसेपरिचिततथालोकप्रियपात्रहै।उसकेसंबंधमेंजोदंतकथाप्रचलितहैवहयहहै-वाचस्पतिजबभामतीकोब्याहलाएतबतत्कालहीतत्कालीनशंकराचार्यआएऔरउन्हें‘ब्रह्मसूत्र’,जोमंडनकालिखाथा,काशांकरभाष्यलाकरआग्रहकियाकिइसकीटीकाकरदेंताकिअधिकलोगोंतकयहपहुंचे।वाचस्पतिनेआग्रहस्वीकारकरलिया।स्वीकारतोकरलियापरंतुटीकाकरनेमेंतथाअपनीओरसेस्थापनाएंदेनेमेंऐसेडूबगएकिदीन-दुनियाहीबिसारदी।इधरभामतीउनकीदेखभालमेंलीनहोगई।दीऐकीलौकभीमद्धिमनहोनेदी।कथाहैकिवाचस्पतिअठारहवर्षोंतकटीकाकरतेरहे।जबपुस्तकसमाप्तहुईतबउन्होंनेदेखाकिएकअधेड़स्त्रीदीपप्रज्ज्वलितकररहीहै।पूछा-आपकौनहैं?भामतीनेकहा-मैंआपकीपत्नीभामतीहूं।पंडितजीकोस्मरणहोआया-उन्होंनेविवाह-द्विरागमनकराकेभामतीकेसाथगृहप्रवेशकियाथा।उन्होंनेदेखाभामतीकीआंखोंमेंआंसूहैं।पूछा-आपरोक्योंरहीहैं?भामतीनेकहाकिआपकीकुलपरंपराअबमुझसेनहींचलेगी।मैंगत-आयुहोगईहूं।पंडितजीनेकहासंतानकिंवापुत्रसेकुलपरंपराअधिकदिनोंतकनहींचलती।कभीनकभीखंडितहोजातीहै।मैंआपकोयहपुस्तकसमर्पितकरताहूंजोअक्षुण्णरहेगी।उन्होंनेपुस्तककानामभी‘भामती-टीका’रखदिया।ऐसाकिसीनेनहींकियाहै।नागार्जुनतथाडॉ.उपेन्द्रठाकुरकोउन-दम्पत्तिकेइसघटनाक्रमकेसंबंधमेंचर्चाकरतेविह्वलहोतेदेखाहैहमने।मेरेमनमेंकईप्रश्नथेइतिहासकीछात्रातथाशिक्षिकाहोनेकेक्रममें।यहथाकिमात्रडेढ़सौवर्षपूर्वमिथिलाकीविदुषीनारीपतितथाशंकरजैसेविद्वानकेशास्त्रार्थकीनिर्णायकथीं,डेढ़सौवर्षोंमेंनतोकोईबाह्यआक्रमणहुआनकुछ!तोशिक्षाकाअनायासलोपक्योंहोगया?इसलिएभामतीकेबहानेमुझेदसवींसदीकेकालखंडकामिथिलाऔरउसकीसामाजिक,ऐतिहासिकतथाराजनैतिकपरिस्थितिकीपड़तालकरनीपडी।उपन्यासमैंनेभामतीऔरवाचस्पतिकेअमरअविस्मरणीयप्रेमकेधागोंसेबुनाहैजिसमेंसंपूर्णमिथिलाकातत्कालीनसमाजहै,उसकेगुण-अवगुणहैं-मिथिलाक्योंशिथिलाहोतीगईइसकीपीड़ाहै।मैथिलीकेपाठकवर्गनेउपन्यासकोबेहदसराहाहै,अबमैंव्यापकपाठकवर्गकेसमक्षइसेप्रस्तुतकरनेजारहीहूं।आशाव्यक्तकरतीहूं-किआपकोपसंदआए।.उषाकिरणखान.

GENRE
Romance
RELEASED
2015
October 9
LANGUAGE
HI
Hindi
LENGTH
260
Pages
PUBLISHER
Srujan Dreams Pvt Ltd
SELLER
Help For Writers Limited
SIZE
1.4
MB