Godan

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Publisher Description

Godan - ‘गोदान’ प्रेमचंद की सर्वोत्तम कृति है, जिसमें उन्होंने ग्राम और शहर की दो कथाओं का यथार्थ रूप और संतुलित सम्मिश्रण प्रस्तुत किया है। इसमें ग्रामीण समाज के अतिरिक्त नगरों के समाज और उनकी समस्याओं का उन्होंने बहुत मार्मिक चित्रण किया है। 


‘गोदान’ होरी की कहानी है। उस होरी की जो जीवन भर मेहनत करता है, अनेक कष्ट सहता है, केवल इसलिए कि उसकी मर्यादा की रक्षा हो सके और इसलिए वह दूसरों को प्रसन्न रखने का प्रयास भी करता है किन्तु उसे इसका फल नहीं मिलता फिर भी अपनी मर्यादा नहीं बचा पाता। अंततः वह तप-तप के अपने जीवन को ही होम कर देता है। यह केवल होरी की ही नहीं, अपितु उस काल के हर भारतीय किसान की आत्मकथा है। इसके साथ ही जुड़ी है शहर की प्रासंगिक कहानी। दोनों कथाओं का संगठन इतनी कुशलता से हुआ है कि उसमें प्रवाह आद्योपांत बना रहता है। प्रेमचंद की कलम की यही विशेषता है।

GENRE
Fiction & Literature
RELEASED
2012
August 16
LANGUAGE
HI
Hindi
LENGTH
200
Pages
PUBLISHER
Jasminder Sandhu
SELLER
Jasminder Sandhu
SIZE
552.9
KB

Customer Reviews

sorabt ,

A novel that teach you, surprise you and question you

एक बार आप किसी पात्र के लिए नकारत्मक भाव बनाएंगे और किसी दूसरे पन्ने में आप उसका सकारात्मक स्वभाव देख, अपने गलत मूल्यांकन पर ग्लानि करेंगेl मुंशी प्रेमचंद जी ने मानव स्वभाव के विभन्न रंगों से इस कहानी को रंगा हैl

तात्कालिक गरीबी और तंगी को ही नहीं बल्कि संपन्न तबके की चुनौतियों को प्रस्तुत किया गया हैl

इस उपन्यास में इतना सब कुछ है कि मै इसमें बहुत लंबा लिख जाऊंगा मगर यह कह कर इस समीक्षा को समाप्त करता हूं कि यह मेरे जीवन में अब तक पढ़ी हुई सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है l

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